एंकर से योगेंद्र यादव का तू-तड़ाक… किसने किसको दी पटखनी… कुमार विश्वास ने कर दिया फैसला
कुमार विश्वास ने चीते और गधे का किस्सा सुनाया… किस्से में शेर की भी एंट्री करवाई
चीता कौन… गधा कौन… और शेर कौन… इस रिपोर्ट को देखिए तो समझेंगे जरूर



सोशल मीडिया पर एक टीवी बहस का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है…ये बहस एंकर चित्रा त्रिपाठी और स्वराज इंडिया के सह-संस्थापक योगेंद्र यादव के बीच की है… इस वीडियो का काफी शेयर किया जा रहा है… इस बहस की शुरुआत कुछ इस तरह से हुई… एकंर चित्रा त्रिपाठी ने कहा…. देश में पहले 10 राज्यों में ब्राह्मण मुख्यमंत्रियों और एक समय में एक चौथाई ब्राह्मण सांसद हुआ करते थे… अब इस बात को योगेंद्र यादव ने पकड़ ली… नाराजगी दिखा दी… इस पर एंकर ने कहा कि वह सिर्फ इतिहास बता रही थीं… अब इस पूरे विवाद में कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास भी कूद गए है… कुमार विश्वास ने विश्वास के साथ एक बात कही… चीते और गधे वाला किस्सा सुना दिया… अब चीता कुमार विश्वास ने किसे कहा… गधा से किसे पुकारा… बस 2 मिनट में आपको पता चल जाएगा….
अच्छा जब एंकर एक चौथाई ब्राह्मण सांसद होने की बात कही… तो बहस के दौरान योगेंद्र यादव ने एंकर का नाम लेते हुए कहा, वो दो तीन भ्रांतियां दूर कर देना चाहता हूं… सारी बात, देश में ब्राह्मण मुख्यमंत्री और ब्राह्मण सांसद को लेकर, मुझे कहीं एक पीड़ा सुनाई दी… योगेंद्र यादव ने कहा कि जैसे-जैसे लोकतंत्र का विस्तार होता है… ऐसे में छोटा सा अभिजात्य वर्ग काबिज होता है सत्ता पर उसका शिकंजा ढीला होता जाता है… इसके बाद समाज की तस्वीर मंत्रिमंडल और सत्ता में आनी शुरू हो जाती है… योगेंद्र यादव ने टीवी एंकर की पहली बार 10 ब्राह्मण मुख्यमंत्री थे, की टिप्पणी पर कहा कि ये देश के लिए गौरव का विषय नहीं था… उन्होंने कहा कि जिस देश में केवल 2 से 3% आबादी हो और वे आधे देश के मुख्यमंत्री थे तो यह देश के लिए चिंता का विषय था… योगेंद्र यादव ने टीवी एंकर की एक चौथाई सांसद ब्राह्मण वाली टिप्पणी का भी जिक्र किया…
योगेंद्र यादव ने कहा कि जाति की राजनीति करने में बीजेपी किसी से पीछे नहीं बल्कि सबसे आगे है… बीजेपी ने ही पहली बार मंत्रियों की लिस्ट के साथ जाति का जिक्र किया था… ये जो मानना है कि बाकी दल जाति की राजनीति करते हैं और बीजेपी नहीं करती है ऐसा नहीं है… देश का सबसे बड़ा और वफादार वोट बैंक हिंदू अगड़ी जातिया हैं… जिस पार्टी का ये वोट बैंक है उस पार्टी का नाम है बीजेपी…उन्होंने इस विषय पर आंकड़ों के साथ स्टडी की है… अब कुमार विश्वास ने इस मामले में ट्वीट कर तंज कसा… कुमार विश्वास ने ट्वीट के जरिए एक किस्सा सुनाया…लिखा…

एक बार एक चीते और गधे में घास के रंग को लेकर बहस हो गई… चीते ने कहा कि घास हरे रंग की होती है… गधा अड़ गया कि घास नीले रंग की होती है… दोनों के बीच दो दिन तक ट्वीट-ट्वीट से लड़ाई होती रही… बात राजा शेर के पास पहुंची… शेर ने भरे दरबार निर्णय दिया कि गधा ही ठीक बोल रहा है और चीता गलत… जब गधा विजय के ख़ुमार में ढेंचू-ढेंचू चिल्लाता हुआ वापस स्टूडियो चला गया तो रोते हुए चीते ने कहा महाराज आपने जानते-बूझते गधे को जिताकर और मुझे हराकर मुझे अपमानित क्यूं किया? शेर ने कहा तुम तो उसी पल हार गए थे जब तुमने शेर-वंशी चीता होकर एक गधे से बहस प्रारंभ की थी…

अब किस्से के मुताबिक… कौन चीता हुआ… और कौन गधा… एकंर चित्रा त्रिपाठी को कुमार विश्वास किस रूप में देख रहे हैं… और योगेंद्र यादव को किस रूप में… चुकि कुमार विश्वास ने नाम नहीं लिया… कौन गधा है… और चीता और कौन शेर… लेकिन बातों से निकली बात से तो संकेत मिल ही जाते हैं.