नई दिल्ली, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। सीबीएसई के सभी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विषय पढ़ाया जाएगा। यह विषय वर्ष 2019-20 से ही लागू किया जा चुका है। फिलहाल आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस आठवीं, नौवीं व दसवीं कक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि देशभर में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में यह विषय पढ़ाया जाएगा है। इसके लिए कई राज्यों के शिक्षकों को बकायदा प्रशिक्षण दिया गया है।नई दिल्ली, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। सीबीएसई के सभी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विषय पढ़ाया जाएगा। यह विषय वर्ष 2019-20 से ही लागू किया जा चुका है। फिलहाल आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस आठवीं, नौवीं व दसवीं कक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि देशभर में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में यह विषय पढ़ाया जाएगा है। इसके लिए कई राज्यों के शिक्षकों को बकायदा प्रशिक्षण दिया गया है।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विषय पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए केंद्र सरकार ने इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम जैसी प्रसिद्व आईटी कंपनियों के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत यह कंपनियां अध्यापकों व प्रधानाचार्यो को ट्रेनिंग दे रही हैं।

देश के विभिन्न हिस्सों में केंद्र सरकार 41 ट्रेनिंग कार्यक्रम पूरे कर चुकी है। केंद्र सरकार ने निजी स्कूलों को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया है। केंद्रीय मंत्री निशंक ने बताया कि इन ट्रेनिंग कार्यक्रमों में अभी तक 1690 अध्यापकों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। जहां प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो चुका है वहां इस विषय को पढ़ाया जा रहा है।

आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस विषय का पाठ्यक्रम सभी संबंधित स्कूलों को भेजा जा चुका है। मंत्रालय ने यह पाठ्यक्रम सीबीएसई की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया है।

निशंक ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विषय लागू करने का मकसद नई पीढ़ी को जागरूक बनाना व पढ़ने-पढ़ाने की प्रक्रिया के स्तर को ऊपर ले जाना है।

निशंक के मुताबकि 12 घंटे का एक खास इंसपायर मॉडयूल भी तैयार किया गया है जिसे विभिन्न स्कूल कक्षा आठ के बच्चों को पढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीबीएसई के सभी स्कूलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लागू कर दिया गया है। वहीं विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में वहां के संबंधित शिक्षा बोर्ड इसे लागू करने के विषय में निर्णय लेंगे।

–आईएएनएस