नई दिल्ली, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को भूषण पावर एंड स्टील (बीपीएसएल) के पूर्व प्रबंध निदेशक संजय सिंघल की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।नई दिल्ली, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को भूषण पावर एंड स्टील (बीपीएसएल) के पूर्व प्रबंध निदेशक संजय सिंघल की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

सिंघल ने अपनी दलील में कहा कि वह 59 साल के हैं और उनका दिल नाजुक स्थिति में है।

सिंघल की अपील में कहा गया, वह विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं और कई वर्षों से दवाओं के सहारे हैं, जिसमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज, स्पाइन लम्बर, मधुमेह, गंभीर उच्च रक्तचाप, अस्थिर एनजाइना (इसके लिए उन्होंने 17 अक्टूबर को एंजियोग्राफी करवाई है।) राइट रिमूवल एन्यूरिज्म, गंभीर पीठदर्द और मूत्र संबंधी विकार शामिल हैं।

सिंघल ने अपने विश्वसनीय चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा परामर्श, जांच और इलाज कराने के लिए जमानत मांगी।

याचिका में कहा गया है कि आवेदक अपने स्वास्थ्य के लिए निवारक एवं सुधारक उपायों का हकदार है और उसे किसी आपातकालीन स्थिति के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए, जो हिरासत में रहते हुए जानलेवा हो सकता है।

इसमें कहा गया है कि आवेदक इस अदालत द्वारा अंतरिम जमानत देने के लिए किसी भी दिशा-निर्देश या शर्तों का पालन करने को तैयार है और उसकी नाजुक चिकित्सा स्थिति के बावजूद वह जांच में पूरी तरह से सहयोग करने का वचन भी देता है।

शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश इल्ला रावत की अदालत ने एक कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिंघल की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत सात दिन बढ़ा दी।

जांच एजेंसी ने उन्हें 22 नवंबर को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था।

–आईएएनएस