मेरठ के कोटला निवासी खान सिस्टर्स ने कोरिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। 2017-18 में चावली देवी इंटर कॉलेज में राज्य स्तरीय गायन प्रतियोगिता में कृष्ण की वेशभूषा में संस्कृत में गीता पाठ करने पर आलिया खान चर्चा में आई थीं। इस पर काफी विवाद भी हुआ था। कोरिया में अपनी परफॉर्मेंस को लेकर दोनों बहनें काफी उत्साहित थीं। रविवार को उन्होंने अपनी पहली परफॉर्मेंस देते हुए वंदेमातरम् का गान किया।
आलिया खान अपनी जुड़वा बहन अलीमा खान के साथ कोरिया में परफार्मेंस दे रही हैं। बता दें कि दोनों सुभारती विवि के फाइन आर्ट्स कॉलेज से बीपीए वोकल की पढ़ाई कर रही हैं। कॉलेज की ओर से टीम के साथ खान सिस्टर्स को कोरिया के लिए चुना गया है। जहां दोनों इंडियन क्लासिकल म्यूजिक कल्चर को प्रस्तुत करेंगी। जिसमें राग, गजल, भजन, ठुमरी व तराना शामिल होंगे।
खान सिस्टर्स की स्कूलिंग सेठ बीके माहेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज से हुई है। मुस्लिम धर्म होने के बावजूद गीता का पाठ कर उन्होंने देश व विदेशों में खूब सुर्खियां बटोरीं थीं। उनके पिता शाहिद अनवर खान व मां अफरोज खान का सपना है कि सिंगिंग में देश का नाम रोशन करें।
स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक के अमर उद्घोष के स्मृति समारोह के मौके पर गीता पर गायन व भाषण प्रतियोगिता हुई थी। गायन प्रतियोगिता में मेरठ की आलिया को दूसरा स्थान मिला। दरअसल, आलिया ने जब गीता गायन किया तो उस समय उसने भगवान श्रीकृष्ण की तरह ही अपना रूप बना रखा था। इसे लेकर काफी चर्चाएं हुईं थीं।
सीएम योगी व राज्यपाल राम नाईक ने आलिया को सम्मानित किया।
वहीं आलिया की खूब सराहना भी की गई। आलिया की चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि उसका मजहब इस्लाम है, लेकिन उसने जिस लय के साथ गीता का गायन किया, वह सराहनीय है। यह उन पाखंडियों की आंखें खोलने वाला है जो देश और समाज को धर्म व मजहब के नाम पर बांट रहे हैं।
फिलहाल खान बहनों के अंतर्राष्ट्रीय टूर को लेकर परिवार में खुशी का माहौल है। आलिया व अलीमा ने बताया 5 अक्तूबर को वे कोरिया के लिए रवाना हो गईं थी। वह तीन दिन प्रस्तुति देने के बाद 11 अक्तूबर को मेरठ वापस लौटेंगी।