वक्त बदला… राजनीति बदली… लेकिन नहीं बदले मुलायम सिंह यादव के समधी के तेवर
हरिओम यादव की राजनीति में निशाने पर रामगोपाल यादव… अखिलेश पर उठाए सवाल… शिवपाल के लिए दिखा दी सहानभूति
सपा को कौन लीड कर रहा… सपा की कमान किसके हाथ में है… किसके कहने पर अखिलेश ले रहे फैसला… सबकुछ सबको सुना दिया



रामगोपाल यादव सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव हैं… रामगोपाल वो हैं… जिनपर अखिलेश आंख मूंदकर भरोसा करते हैं… उनकी दी गई राय को गंभीरता से लेते हैं… वो जो कहते हैं… उसपर एक बार जरूर अखिलेश सोचते हैं… अब यही बात कभी सपा में रहे… मुलायम के समधी हरिओम यादव को शायद हजम नहीं हो रही है… इसलिए फिर से उन्होंने एक ऐसी बात कही है… जिसे अखिलेश सुनेंगे तो यही कहेंगे ये क्या कह रहे हैं… हरिओम यादव ने बीजेपी में रहते हुए एक ऐसे मुद्दे को छेड़ा… जिसे सपाई सुनेंगे तो गुस्सा जरूर आएगा… वैसे हरिओम यादव के निशाने पर रामगोपाल यादव हैं… लेकिन निशाना लगाते लगाते उन्होंने अखिलेश की क्षमता पर सवाल उठा दिया… अखिलेश पर सवाल तो उठाया ही… साथ ही सपा में जाने पर शिवपाल यादव को भी सुना दिया…बातों बातों में हरिओम ने कुछ ऐसा कहा जिसे सुन मुलायम परिवार के सदस्य हैरान जरूर होंगे…
अब देखिए… हरिओम यादव सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के समधी है… फिर भी उन्होंने ऐसा कहा… सपा से तीन बार विधायक रहे… हरिओम यादव शिकोहाबाद से 2002 में, वहीं 2012 और 2017 में सिरसागंज सीट से विधायक रह चुके हैं… लेकिन वो अब सबकुछ भूल चुके हैं… इसलिए अखिलेश की राजनीति पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया…2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा ने सिरसागंज से विधायक को टिकट देने से इंकार कर दिया था… तो वो बीजेपी में शामिल हो गए… और तब से लेकर अब तक हरिओम गाहे बगाहे कभी अखिलेश यादव पर एग्रेसिव होते हैं… तो कभी रामगोपाल यादव पर… अबकी बार हरिओम के निशाने पर ये दोनों हैं… दोनों पर वो हमलावर हैं… इसके लिए वो कही ना कही रामगोपाल यादव को ही जिम्मेदार मानते हैं.. तो ऐसा क्या कहा जिसे सुन अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल तीन हैरान हो जाएंगे…
हरिओम यादव ने सबसे पहला निशाना सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव पर निशाना साधा… कहा

अखिलेश यादव को अपने लोगों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराना चाहिए… रामगोपाल यादव खुद कहीं से चुनाव नहीं जीत सकते… वो सैफई से भी चुनाव नहीं जीत पाएंगे…
रामगोपाल यादव को निशाने पर लेने के बाद हरिओम ने अखिलेश की क्षमता पर सवाल उठाया… कहने लगे…
अखिलेश यादव तो केवल नाम के अध्यक्ष हैं, सारी कमान रामगोपाल यादव के पास है…
ऐसा कहने के बाद वो शिवपाल पर आए… ये कहने से नहीं चूके

शिवपाल यादव अगर बीजेपी में आ गए होते तो यहां इनका सम्मान भी होता और कहीं से सांसद भी बना दिए गए होते… सपा में उनकी बात कौन सुन रहा है. उनका चैप्टर बीजेपी में खत्म हुआ है लेकिन कभी भी शुरू हो सकता है… gfx out
गौरतलब है कि इससे पहले भी हरिओम यादव ने रामगोपाल यादव पर निशाना साधा था… उन्होंने कहा था कि परिवार और पार्टी को अकेले चश्मा ही खत्म कर देगा… 2022 के विधानसभा चुनाव में नेताजी की वजह से सपा गठबंधन की 100 सीटें आ गई थी लेकिन 2027 के चुनाव में सपा के विधायक ढूंढे नहीं मिलेंगे… वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा का खाता भी नहीं खुलेगा.