Jayant Chaudhary से 'हिंट' मिलने के बाद Pallavi Patel ने Akhilesh Yadav से की बगावत
Jayant Chaudhary से 'हिंट' मिलने के बाद Pallavi Patel ने Akhilesh Yadav से की बगावत

पल्लवी के सामने अखिलेश की वो शर्त… जिससे बाहर निकलने के लिए पल्लवी पटेल है बेकरार
जैसी शर्त अखिलेश ने जयंत के सामने रखी थी… जयंत की ओर से अखिलेश के साथ छोड़ने के बाद पल्लवी की गई नजर
पल्लवी को अखिलेश की उस शर्त से जब लगने लगा डर… तब पल्लवी ने जयंत की तरह ही बगावत का रास्ता किया अख्तियार

लोकसभा चुनाव को लेकर शह-मात का खेल सभी पार्टियों की ओर से जारी है… एक तरह से सियासी खेल शुरू हो गया है। सभी पार्टियां अपनी पकड़ को और मजबूत करने में जुट गई हैं…लेकिन इसी दौरान सपा को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं… कई सहयोगी दल अखिलेश यादव से नाराज भी चल रहे हैं… जिनके बयानों से साफ दिखाई दे रहा कि सपा और उनके बीच सब ठीक नहीं है… आखिर ऐसा क्या हुआ कि अखिलेश से उनके सहयोगी दल नाराज हो रहे हैं… इंडिया गठबंधन को साथ लेकर चलने की बात करने वाले सपा अध्यक्ष पार्टी के अंदर और सहयोगी दलों में बढ़ती दरार को नहीं भर पा रहे हैं… कुछ दिन पहले रालोद के जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव का साथ छोड़ दिया है… जिनको लेकर अखिलेश यादव हमेशा कहते थे कि वो काफी समझदार हैं और किसानों के मुद्दों को समझते हैं। लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव की कही वो एक शर्त सहयोगी दलों में डर तो नहीं पैदा कर रही है…

लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी को रोकने के लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में इंडिया गठबंधन बना… शुरुआती कई बैठकों में इंडिया गठबंधन के दल के नेता शामिल हुए, लेकिन फिर धीरे-धीरे इंडिया गठबंधन छिटकने लगा… हर कोई अपने स्टेट में अपना जनाधार बताकर नेतृत्व की बात करने लगा… वहीं, अखिलेश यादव यूपी में इंडिया गठबंधन को लेकर लगातार सीट बंटवारे पर कहते रहे हैं कि किसी के साथ कुछ भी गलत नहीं होगा… अखिलेश यादव और रालोद के बीच सीट बंटवारे को लेकर बात भी बन गई थी… अखिलेश यादव वेस्ट यूपी की सात सीट जयंत चौधरी को देने पर तैयार हो गए… लेकिन कहा जाता है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक शर्त ने पूरा खेल बिगाड़ दिया… अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी के सामने शर्त रखी कि वेस्ट यूपी के सात सीट तो देंगे, लेकिन तीन सीट पर कैंडिडेट रालोद के रहेंगे, पर सिंबल साइकिल रहेगी… यहीं से दोनों के बीच दरार बढ़ती चली गई…हालांकि, कई मौकों पर अखिलेश यादव जयंत चौधरी को बहुत सुलझा होने वाला नेता बताते रहे… उनकी पत्नी डिंपल यादव भी जयंत को सुलझे नेता होने की बात कही थी… बीजेपी ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर बड़ा दांव चल दिया… उसके बाद जयंत चौधरी की राहें सपा से अलग हो गईं

अपना दल कमेरावादी की नेता पल्लवी पटेल सपा से नाराज चल रही हैं… अपना दल कमेरावादी ने साफ कर दिया है कि वह राज्यसभा चुनाव में सपा कैंडिडेट को वोट नहीं करेंगे… पल्लवी पटेल की नाराजगी सपा की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए तय किए गए कैंडिडेट को लेकर है… जया बच्चन और आलोक रंजन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने से अपना दल कमेरावादी गुट नाराज है… पल्लवी पटेल ने कहा है कि ये अखिलेश यादव के पीडीए के नारे के विपरीत है… ऐसे में अपना दल कमेरावादी राज्यसभा चुनाव में सपा के पक्ष में वोट नहीं डालेगी…

बहरहाल अखिलेश यादव के आपका नेता सिंबल हमारा दांव से सपा के सहयोगी छोटे दल काफी नाराज हैं… यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में कौशांबी से पल्लवी पटेल को सपा ने टिकट जरूर दे दिया था, लेकिन साथ शर्त रखी कि साइकिल के सिंबल पर लड़ना होगा… पल्लवी पटेल साइकिल के सिंबल पर लड़ीं और जीतीं भी… आगे चलकर अखिलेश यादव इसी तर्ज पर सीट बंटवारा करने लगे, जिससे छोटे दलों में नाराजगी बढ़ती चली गई… छोटे दलों को डर है कि अगर हम साइकिल के सिंबल पर चुनाव लड़ते रहेंगे तो उनकी पार्टी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगेगा… लोगों के बीच में उनकी पार्टी की जगह सपा की पैठ बन जाएगी… अखिलेश यादव के इसी दांव ने उनके सहयोगी दलों के बीच नाराजगी बढ़ा दी