आकाश को जो जिम्मेदारी मिली है… वो अगर मायावती के मनमुताबिक कर पाए… राष्ट्रीय राजनीति में छा जाएंगे !
आकाश की सियासत को विस्तार देने के लिए मायावती ने दी बड़ी जिम्मेदारी… 24 के लिए मायावती ने शुरू कर दी तैयारी
आकाश, बुआ की परीक्षा में अगर हुए पास… तो बीएसपी में और कद बढ़ेगा ही… नेक्स्ट जेनरेशन का नेता बनकर उभरेंगे


बीएसपी प्रमुख मायावती ने यूं तो अपने भतीजे आकाश आनंद को राजनीति में 2017 में ही लॉन्च कर दिया था… उस वक्त कहा गया था… कि वही बीएसपी में मायावती के उत्तराधिकारी होंगे… लेकिन तब आकाश को मायावती ने कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी थी…इसके बाद साल 2019 आया… जिसमें बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर बनाया…तब दो को-ऑर्डिनेटर थे… इसके बाद साल 2022 का काल आया… तब से बीएसपी में आकाश आनंद ही पार्टी के इकलौते राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर हैं… आकाश आनंद ने 2019 के लोकसभा चुनाव में एकमात्र रैली आगरा में तब की थी, जब मायावती को दो दिन के लिए प्रचार से रोका गया था…तो कुल मिलाकर मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को धीरे धीरे राजनीति के अनुकूल बनाया… राजनीति को आकाश की आदत के हिस्से में धीरे धीरे शुमार किया… और अब आकाश को अब तक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है… जो बीएसपी, खासकर बीएसपी प्रमुख मायावती की नजरों में आकाश के कद को तय करेंगे…
हालांकि मायावती ने जो जिम्मेदारी आकाश आनंद को सौंपी है… वो ऐसे ही उन्होंने अपने भतीजे को नहीं दे दी… जाहिर सी बात है… धीरे धीरे आकाश आनंद ने मायावती की कसौटी पर खुद को साबित किया होगा… आकाश आनंद के राजनीति में एक्टिव होने की वजह से बहुत से मामलों में बीएसपी में सुधार हुआ है… खासकर सोशल मीडिया के युग में डिजिटली बीएसपी पहले की अपेक्षा ज्यादा मजबूत हुई हैं… आकाश आनंद ने बीएसपी में ऐसे बहुत से काम किए… जिसके आधार उनकी बुआ ने एक राजनीतिज्ञ के तौर पर आकाश पर विश्वास किया… विश्वास किया तो बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी…अगर आकाश उस जिम्मेदारी को पूरा करने में कामयाब होते हैं… तो यकीकन ने मायावती के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी… क्योंकि आकाश की खोज राजनीति में मायावती ने ही तो की है…
इस साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं… इनमें चार राज्यों- राजस्थान, एमपी, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में बसपा मजबूती के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है… बसपा प्रमुख मायावती ने इन राज्यों की कमान अपने भतीजे आकाश आनंद को सौंपी है… पहली बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने जा रहे आकाश के लिए ये बड़ा इम्तिहान होगा… इन राज्यों में प्रदर्शन के आधार पर ही पार्टी के साथ आकाश की भी भविष्य की राह तय होगी…
शुरुआत में मायावती ने आकाश को लेकर यही कहा था कि अभी वह सीख रहे हैं और समय आने पर बड़ी जिम्मेदारी उठाएंगे… इसके बाद आकाश को यूपी के अलावा कई अन्य राज्यों में संगठन विस्तार का जिम्मा दिया गया… पंजाब, केरल, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में उनकी सभाएं हुईं… फिलहाल काफी समय से आकाश एमपी और राजस्थान में संगठन को मजबूत करने में लगे हैं…
आकाश को 4 राज्यों में हो रहे चुनाव की कमान की घोषणा बीएसपी प्रमुख मायावती ने खुद किया… मायावती ने कहा है कि चार राज्यों में आकाश की अगुआई में चुनाव लड़ा जाएगा… उनके साथ राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम को भी लगाया गया है… ये चारों ऐसे राज्य हैं, जहां पिछले चुनावों में कुछ सीटें जीतकर बसपा अपनी उपस्थिति दर्ज करवाती रही है…। राजस्थान में 2018 में बसपा ने छह, एमपी और छत्तीसगढ़ में दो-दो विस सीटें जीती थीं… तेलंगाना में पिछली बार पार्टी को कोई सीट तो नहीं मिली, लेकिन 3% वोट मिले थे… पार्टी यहां दलित वोट बैंक के सहारे प्रदर्शन बेहतर करना चाह रही है…बसपा यूपी में लगातार खराब प्रदर्शन के बाद अपना जनाधार तलाश रही है… ऐसे में इन चार राज्यों के विधानसभा चुनाव अहम माने जा रहे हैं… लोकसभा चुनाव से पहले इन चारों राज्यों में प्रदर्शन बेहतर होता है तो उसका लाभ यूपी में भी मिलेगा और पार्टी लोकसभा चुनाव में अपनी दिशा तय कर पाएगी… वहीं, आकाश का बीएसपी में कद और तो बढ़ेगा ही… साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में वो एक स्थान हासिल करने में कामयाब होंगे…